ऐरी क्यों बावंरी भयी,वा छलिया के लियो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐरी क्यों बावंरी भयी,वा छलिया के लियो

1.तुं सुकुमारी कठींन,पथं प्रेम को

नाहीं तेरे योग,अरी आली

नाहीं तेरे योग,अरी बहना

नाहीं तेरे योग

ऐरी क्यों....

2.वाहा छलिया सों,दुर ही रहियो

काहे लगाए ये रोग,अरी अली

नाहीं तेरे योग,अरी बहना

नाहीं तेरे योग

ऐरी क्यों....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।