जब तक है ये जीवन वृन्दावन को जायेंगें

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़:-पधारो राधा संग सरकार

जब तक है ये जीवन अपना,वृन्दावन को जायेंगें

श्री राधा राधा गायेंगें,श्री राधा‌ राधा गायेंगें

कृपा करें वृषभान किशोरी,नित दर्शंन का सुख

पायेंगें

श्री राधा राधा गायेंगें,श्री राधा राधा गायेंगें

जब तक....

1.नित नव भोग लगाऊं निशदिन,नित प्रसादी

पाऊं निशदिन

नित सेवा महलन की बुहारी,हम तो रोज

लगायेंगें

श्री राधा राधा गायेंगें,श्री राधा राधा गायेंगें

जब तक....

2.ग़जरा महन्दीं सुरमा लाली,लहंगा चुनरी पुष्प

हार सों हम तो रोज़‌ सजायेंगे

श्री राधा राधा गायेंगें,श्री राधा राधा गायेंगें

जब तक....

3.सुबह शाम सेवा में‌ जाऊं,भजन गाये के तुम्हें

रिझाऊं

शयन आरती के पद गाकर,तुम को शयन

करायेंगें

श्री राधा राधा गायेंगें,श्री राधा गायेंगें

जब तक.....

4.यही आस अभिलाष हमारी,ईक टुक हेरो शामा

प्यारी

चरनन रज़ में मिले बावंरा,बिनती‌ रोज़ सुनायेंगे

श्री‌ राधा राधा गायेंगें,श्री राधा राधा गायेंगें

कृपा करें वृषभान किशोरी,कृपा करें मेरी शामा

प्यारी‌

नित दर्शंन का सुख पायेंगें

जब तक....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।