नटखट नटवर नागर कृष्णा ,मनमोहन मुरलीधर कृष्णा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नटखट नटवर नागर कृष्णा

मनमोहन मुरलीधर कृष्णा

सपनों के आँगन में अपने

देखा मैंने अक्सर कृष्णा

धर्म कर्म से कभी न चूको

बोल गये परमेश्वर कृष्णा

लाज बचाने को भक्तों की

दास बने कभी चाकर कृष्णा

दिल से कभी बुला कर देखो

घर आयेगा चल कर कृष्णा

गीता के पन्ने पन्ने पर

बोले अक्षर अक्षर कृष्णा

शान्त गुरू के ज्ञान के सदके

पाया मन के भीतर कृष्णा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।