लाली की सुनके मैं आयी,कीरत मैया दे दे बधाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लाली की सुनके मैं आयी,कीरत मैया दे दे बधाई

लाली की....

1.लहंगा भी लुंगी और,चुनरी भी लुंगी

चोली की दे दे सिलाई,कीरत मैया दे दे बधाई

लाली की....

2.कंगना भी लुंगी और,झुमका भी लुंगी

नथनी की दे दे गढाई,कीरत मैया दे दे बधाई

लाली की....

3.लड्डू भी लुंगी और,पेड़ा भी लुंगी

हा जी दे दे दूध मलाई,कीरत मैया दे दे बधाई

लाली की....

4.दस बीस से काम न चलेगा,हो गयी बड़ी महंगाई

कीरत मैया दे दे बधाई,

लाली की सुनके मैं आयी,कीरत मैया दे दे बधाई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।