पाती लेके आये ऊधो , ले संदेश पधारे ऊधो, सावरिया नहीं आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पाती लेके आये ऊधो , ले संदेश पधारे ऊधो, सावरिया नहीं आये ।

1 बीत गयी बरसो ,आये नही बरसो।

बरस बरस के बेरिन बरसा, बीती याद दिलाये , बीती याद दिलाये।

कहा छाये घनश्याम श्याम घन, घिर घिर के यहां आये,,,

सवारियां नही आये,,,

(2)

योग धरे नाही, बनकर ब्रम्हचारी,

योग साधकर ब्रम्हा बैठे ,दुनिया कौन चलाये 2 महाप्रलय हो जाये। पर उपदेश कुशल बहु तेरे , देखे और दिखाये

साँवरिया नहीं आए।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।