राम का हुआ मैं मेरे राम हो गये

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम जय जय राम जय जय राम जय जय राम , राम जय जय राम जय जय राम जय जय राम

राम राम जप के मेरे काम हो गये , राम राम जप के मेरे काम हो गये

राम का हुआ मैं मेरे राम हो गये राम का हुआ मैं मेरे राम हो गये

राम राम जपके मेरे काम हो गये .

मेरे प्रभु राम जी करुणा के धाम जी राम कहते ही मिले मन को आराम जी

राम जी मैं रम गई है जब से आत्मा, हो गया है मन से मेरे मैं का ख़ात्मा

राम जी मैं रम गई है जब से आत्मा, हो गया है मन से मेरे मैं का ख़ात्मा

हो गया है मन से मेरे मैं का ख़ात्मा, माटी था मैं सोने जैसे दाम हो गये

राम राम जपके मेरे काम हो गये.

राम जी का वास है हर एक साँस में, करुणा की गंगा बहे हृदय के पास में

राम जय जय राम जय जय राम जय जय राम

राम जी का वास है हर एक साँस में, करुणा की गंगा बहे हृदय के पास में

राम जी का वास है हर एक साँस में,पाप विदा ह्रदय से तमाम हो गये

राम राम जपके मेरे काम हो गये,राम का हुआ मैं मेरे राम हो गये

राम का हुआ मैं मेरे राम हो गये,राम राम जपके मेरे काम हो गये !

मेरे प्रभु राम जी करुणा के धाम जी राम कहते ही मिले मन को आराम जी

राम ने मुक्ति दिलायी दुख के बोझ से, नित करायी साधना अपनी मनोज से

राम जय जय राम जय जय राम जय जय राम.

राम ने मुक्ति दिलायी दुख के बोझ से, नित करायी साधना अपनी मनोज से

राम ने मुक्ति दिलायी दुख के बोझ से,दर्श राम जी के सुबह शाम हो गये

राम राम जपके मेरे काम हो गये,राम का हुआ मैं मेरे राम हो गये

राम राम जपके मेरे काम हो गये.माटी था मैं सोने जैसे दाम हो गये

राम राम जपके मेरे कम हो गये, पाप विदा ह्रदय से तमाम हो गये

राम राम जपके मेरे काम हो गये !

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।