श्यामा श्याम का खज़ांना, श्री हरिदास ने दिया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़:-सब कुछ दिया है तुमनें

श्यामा श्याम का खज़ांना,श्री हरिदास ने दिया है

श्यामा श्याम रटते रटते,जीवन बना लिया है

लिया है मैंनें

श्यामा श्याम....

1.निद्धिंवन की कुन्जों में,जाकर डेरा किया हैधं

अपनी ही भक्ति द्वारा,युगल को प्रगट किया़

श्यामा श्याम रटते रटते,जीवन बना लिया है

लिया है मैंनें

श्यामा श्यमा.... ध

2.श्री हरिदास का निवेंदन,युगल से बांकां किया है

जो बांकें बिहारी का दर्शंन,ससांर कर रहा है

श्यामा श्याम रटते रटते,जीवन बनाध लिया है

लिया है मैंनें

श्यामा श्याम....

3.इसी नाम को रट के ही,पागल हुआ है रसका

इसी नाम में मगंन हो,धस्सा जा रहा है धसका

श्यामा श्याम रटते‌‌ रटते,जीवन बना लिया है

लिया है मैंनें

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।