प्रभु के सिवा कहीं दिल ना लगाना

-बाबा धसका पागल पानीपत
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

????श्री हरिदा????

तरज़:-परदेसियों से ना अंखियाॅं

मिलाना

प्रभु के सिवा कहीं,दिल ना लगाना-2

नहीं तो पड़ेगा तुझे-2,आंसू बहाना

प्रभु के......

1.जिसने प्रभु का गुणगान किया है,

सच्चा जीवन उसी ने जीया है,

सुमिरन के बल से है-2,मुक्ति को

पाना

प्रभु के......

2.बचपन बिता अब तूॅं जवाॅं हैं,

बीत गया है जो,समय‌ वो कहाँ है,

सोच समझ के-2,समय तुॅं बिताना,

प्रभु के......

3.आया जहाँ से वहीं तुझको जाना,

वहां साथ जाए ना पैसा खजाना,

पूछेगा धसका तो-2,क्या

करोगे बहाना

प्रभु के सिवा कहीं,दिल ना लगाना

नहीं तो पड़ेगा तुझे-2,आंसू बहाना

प्रभु के....

रचना:-बाबा धसका पागल पानीपत

फोन:-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।