फागुन की यह मस्ती कुछ ऐसे बरस रही है

राम श्याम अवस्थी
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

फागुन की ये मस्ती कुछ ऐसे बरस रही है

कुछ और ही कहना चाहूं जय श्री श्याम ही निकल रही है।

खाटू नगरी जो भी जाए खाली हाथ ना आए

जो लौट लौट कर आए वह जय श्री श्याम ही गए

श्याम कृपा से मेरी ये हस्ती बदल रही है 2

कुछ और ही कहना............

खाटू की पावन गलियों में गूंज रहा जयकारा

कहते है प्रेमी इनको हार का श्याम सहारा

श्याम दरस को मेरी ये अखियां तरस रही है 2

कुछ और ही कहना........

फागुन आया फागुन आया साथ में खुशियां लाया

खुश होकर राम श्याम ने बाबा को भजन सुनाया

खाटू में आकर के सारी दुनिया झूम रही है

कुछ और ही कहना.......।

लेखक-राम श्याम अवस्थी

भजन -गायक राम श्याम अवस्थी ग्वालियर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।