संयम का ये पथ भैय्या आतम का ठिकाना है

पारंपरिक
महादेव भजन जैन भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

संयम का यह पथ भैय्या

संयम का ये पथ भैय्या, आतम का ठिकाना है -2

बनके संयमी एक दिन,तुझे शिवपुर जाना है -2

दादा के दुलारे हो,दादी के प्यारे हो-2

रिस्ते ये दुनिया के सब छोड़ के जाना है-2

संयम का यह पथ......

पापा तेरे दिल का मैं प्यारा सा टुकड़ा हु -2

छोड़ दुनियादारी को,घर आतम सजाना है-2

संयम का यह पथ......

मैंय्या पे क्या बित रही,दुनिया वाले क्या जाने-2

कलेजे के टुकड़े को,अपने हाथों रवाना है-2

संयम का यह पथ......

बहना तेरा भाई हु,पर एक मुसाफिर हु-2

दुनिया का बसेरा तो,आखिर भूल जाना है-2

संयम का यह पथ......

भैय्या मेरे जीवन मे, तेरी याद सदा रहेगी-2

अपना ये मानस तो,ज्ञानिसा बनाना है -2

संयम का यह पथ......।

Bhikham jain

9438399999

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।