लागे वृंदावन नीको

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दोहा वृंदावन सो वन नहीं,नंद गाम सो गाम।

बंशी वट सो वट नहीं,कृष्ण नाम सो नाम।।

लागे वृंदावन नीको मोहे, लागे वृंदावन नीको।

(1)घर घर तुलसी ठाकुर सेवा 2

दर्शन गोविंद जी को।

लागे वृंदावन नीको...

(2)निर्मल नीर बहे जमुना को

भोजन दूध दहीं को ।

लागे वृंदावन नीको.......

(3) रतन सिंघासन आप विराजे

मुकुट धरो तुलसी को।

लागे वृंदावन नीको.........

(4)मीरा के प्रभु गिरिधर नागर

भजन बिना नर फीको।

लागे वृंदावन नीको.........

लागे वृंदावन नीको मोहे, लागे वृंदावन नीको।

। डॉ सजन सोलंकी।

मोब. 9111337188

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।