॥ पावन पाठ ॥
चण्डी है महाकाली कालीका खप्पर वाली,
खप्पर वाली मैया खप्पर वाली,
रूप धरी रे विकराल कालीका खप्पर वाली,
1.खून से अपना खप्पर भरने ,
चली दुष्टो से माँ वध करने ,
लेके खडग विशाल कालीका खप्पर वाली,
चण्डी है महाकाली कालीका खप्पर वाली,
खप्पर वाली मैया खप्पर वाली,
रूप धरी रे विकराल कालीका खप्पर वाली,
1.खून से अपना खप्पर भरने ,
चली दुष्टो से माँ वध करने ,
लेके खडग विशाल कालीका खप्पर वाली,