चण्डी है महाकाली कालीका खप्पर वाली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चण्डी है महाकाली कालीका खप्पर वाली,

खप्पर वाली मैया खप्पर वाली,

रूप धरी रे विकराल कालीका खप्पर वाली,

1.खून से अपना खप्पर भरने ,

चली दुष्टो से माँ वध करने ,

लेके खडग विशाल कालीका खप्पर वाली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।