कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया

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॥ पावन पाठ ॥

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया,

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया।

भगता ने एह वन्गा पाईयाँ,भगता ने एह वन्गा पाईयाँ,

भगती दा लेया नजारा , वन्गा इश्क दिया,

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया.........

वन्गा पाके बुल्ला नचेया,वन्गा पाके बुल्ला नचेया,

घुंघरू दा लेया नजारा , वन्गा इश्क दिया,

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया.........

बाईजी ने एह वन्गा पाईयाँ,मुर्षद पीर दिया मेहरा पाईयाँ,

ओहदे नाम दी फेरन माला , वन्गा इश्क दिया,

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया.........

वन्गा पाके नमन है गावे,हर वेले हरि सिमरन गावे,

टूटे ना रब्ब नाल तारा, वन्गा इश्क दिया,

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया.........

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया,

कोई पान्दा करमा वाला वन्गा इश्क दिया..........

Bhajan By Naman Chadha

MB 8194875323

जय राधे श्री राधे...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।