मेरा तू ही तो हमदर्द है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज: एक ऐसी लडकी थी

दुनिया के आगे प्रभु चुपचाप में रहता हुँ -2

मेरा तू ही तो हमदर्द है जिसे हर दर्द कहता हूं,

दुनिया के आगे प्रभु.......

दुनिया की 'आदत' करते बगावत 'जब दिन बुरे घेरते -2

नजरे है चुराते दूरी बढ़ाते 'सभी यार मुंह फेरते -2

ना समझे कोई भी किसी की परेशानियां,

मेरा तू ही तो हमदर्द है जिसे हर दर्द कहता हूं,

दुनिया के आगे प्रभु........

जग है छलावा तेरे अलावा 'किसी पे भरोसा नही 2

मुझे दाना पानी सिवा तेरे दानी 'किसी ने परोसा नही 2

भला कैसे भूलूं मैं तेरी मेहरबानियाँ,

मेरा तू ही तो हमदर्द है जिसे हर दर्द कहता हूं,

दुनिया के आगे प्रभु.....

आया नजर ना कोई भी अपना 'जब मुझको दरकार थी 2

तब मेरे पथ' का जीवन के रथ का 'तू ही बना सारथी 2

माधव ने की हर कदम पर निगहबानिया,

मेरा तू ही तो हमदर्द है जिसे हर दर्द कहता हूं,

दुनिया के आगे प्रभु.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।