मईया दौड़ी आयेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भजन के बोल

सुख में दुःख में , मईया मेरी साथ निभायेगी,

दौड़ी आयेगी मईया जी दौड़ी आयेगी।

ना खाली कोई लौटा, माँ के इस द्वारे से,

सभी के काम बने , माँ के जयकारे से,

जय माता दी बोल जरा तू , रुक ना पायेगी,

सुख में दुःख में , मईया मेरी साथ निभायेगी…….2

भाव से जो भी भगत , माँ को मनाता है,

जीवन में सारी खुशी , वो माँ से पाता है,

हो चाहे गम के बादल माँ , सब ये हटाएगी,

सुख में दुःख में , मईया मेरी साथ निभायेगी……….2

हरीश की विनती है , माँ रख लेना चरणों में,

रहूं में मगन सदा , माँ तेरे भजनों में,

मेरे गुण अवगुण को मईया , पल में मिटाएगी

सुख में दुःख में , मईया मेरी साथ निभायेगी………..2

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।