मेला श्याम धणी का आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन के बोल

खाटू जावा गे रे मेला , श्याम धणी का आया,

श्याम धणी का आया मेला , श्याम धणी का आया,

ध्वजा उठावांगे, मेला श्याम धणी का आया,

खाटू नगरी लागे प्यारी…………2

जहाँ बिराजे श्याम बिहारी………….2

दरश हम पाँवागे , मेला श्याम धणी का आया,

खाटू जावांगे रे मेला , श्याम धणी का आया,

बाबा की खाटू रजधानी….....2

श्याम कुण्ड का निर्मल पानी……2

प्रेम ते नहावांगे मेला श्याम धणी का आया

खाटू जावांगे रे मेला , श्याम धणी......

बाबा के संग खेले होली………2

उड़े गुलाल भरी है झोली…………2

नैन मिलावांगे, मेला श्याम धणी का आया

खाटू जावांगे रे मेला , श्याम धणी का आया

4 ) भूलन त्यागी भजन बनावे…………2

हरीश मगन मस्ती में गावे………….2

नाच हर्ष वागे , मेला श्याम धणी का आया

खाटू जावांगे रे मेला , श्याम धणी का आया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।