राधे राधे गाते चलो शाम को रिझाते चलो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री हरिदास

तरज़:-ना मुंह छुपा के जीयो और ना सर झुका के

जियो

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राधे राधे गाते चलो,शाम को रिझाते चलो,

श्री राधा नाम से, मन को मन्दिंर बना ते चलो,

राधे........

हो शाम आके बिराजे,मन के आसंन पे,

हर एक स्वांस में,राधे राधे गाते चलो,

राधे राधे गाते चलो शाम को रिझाते चलो,

राधे........

श्री राधा नाम से बृज़ की,खीले फुलवारी है,

ओ राधा नाम को आधार,तुम बनाते चलो,

राधे राधे गाते चलो,शाम को रिझाते चलो,

राधे........

श्री राधा नाम से पागल,बनें बिहारी के,

हो धसका ख़ुद भी धसों,औरों को भी धसाते चलो,

राधे राधे गाते चलो,शाम को रिझाते चलो,

राधे........।

रचंना:-बाबा धसका पागल पानीपत

फोन:-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।