मेरे बांकें बिहारी लाल ना डालो इतना रंग गुलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री हरिदास

मेरे बांकें बिहारी लाल,ना डालो इतना रंग गुलाल

मैं रंग में रंग जाऊंगी(मेरे कान्हां) -2

मेरे बांकें........

टिका तो मेरा भीग गया है,मेरी बिंदिया हो गई लाल, ‌

ना डालो इतना रंग गुलाल,मैं रंग में रंग,

जाऊंगी(मेरे कान्हां)-2

मेरे बांकें........

माला तो मेरी भीग गई है,मेरा झुमंका हो गया लाल,

ना डालो इतना रंग गुलाल,मैं रंग में रंग,

जाऊंगी(मेरे कान्हां) -2

मेरे बांकें.......

‌

चुड़ी तो मेरी भीग गई है,मेरी महंदी हो गई लाल,

ना डालो इतना रंग गुलाल,मैं रंग में रंग,

जाऊंगी(मेरे कान्हां) -2

मेरे बांकें....

4.लहंगा तो मेरा भीग गया है,मेरी चुनंरी हो गई लालन,

ना डालो इतना रंग गुलाल,मैं रंग में रंग,

जाऊंगी(मेरे कान्हां) -2

मेरे बांकें बिहारी लाल,ना डालो इतना रंग गुलाल,

मैं रंग में रंग जाऊंगी मैं रंग में रंग जाऊंगा ।

बाबा धसका पागल पानीपत

फोन:-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।