मन मेरा उदास आजा शेरांवालिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये

शेरांवाली आऐगी मैं हार बनवांवांगी,

हार बनवांवांगी मैं रे जड़वांवांगी,

चमके सारी रात आजा शेरांवालिये,

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये

शेरांवाली आऐगी मैं टीका बनवांवांगी,

टीका बनवांवांगी मैं हीरे जड़ावागी -2

चमकण सारी रात आजा शेरावालिये,

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये,

मैया मेरी आयेगी ते कंगन बनवांवांगी,

कंगन बनवांवांगी मै हीरे जड़वागी ,

चमके सारी रात आजा शेरांवालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरावालिये,

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये ,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये,

शेरांवाली आऐगी मै चोला बनवांवांगी,

चोला बनवांवांगी मै गोटा लगवागी,

चमके सारी रात आजा शेरावालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरावालिये,

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये ,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये,

शेरांवाली आऐगी मै पायल बनवांवांगी,

पायल बनवांवांगी ते घूंघरू जड़वावागी,

बजण गे सारी रात आजा शेरावालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरावालिये,

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये,

शेरांवाली आऐगी मै कीर्तन करवांवांगी,

कीर्तन करवांवांगी ते ढोलक बजवांवांगी,

नचागे सारी रात आजा शेरांवालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरावालिये,

मन मेरा बड़ा उदास आजा शेरांवालिये,

आजा शेरांवालिये माँ आजा मेहरांवालिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।