ओ कब जाऊंगा बृज़ धाम

-बाबा धसका पागल पानीपत
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री हरिदास

तरज़:-कोई बिछुड़ गया मिलके

ओ कब जाऊंगा बृज़ धाम,बृज़ धाम हां बृज़ धाम

ओ कब....

वृन्दावन की कुंज गलिंन में,यमुना तट और बन्सीं वट में

मिल जायें घनश्याम

ओ कब....

बरसानें की ऊंची अटारी,जहां बिराजे शामा

प्यारी पुराणों हो सब काम

ओ कब....

पागल मन की आस यही है,जीवन में बस प्यास यही है

धसका हो वहीं विश्राम

ओ कब.......।

रचना:-बाबा धसका पागल पानीपत

फोन:-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।