राधे रानी सांवरे की प्यारी है

-बाबा धसका पागल पानीपत
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री हरिदास

तरज़:-श्री राधा बरसाने वाली,तेरो पुजारी है,

राधे रानी सावरे की प्यारी है,

शामा जू सावरे की प्यारी है,

भोली भाली बरसाने वारी है,

किया गहवरवन में वास,लाडली लीला है न्यारी,

राधा रानी........

राधा नाम की धुन जब लागे,धुन जब लागे,

शाम घूमते पीछे आगे,पीछे आगे,

राधा का दीवाना बिहारी है,भोली भाली,

बरसाने वारी है,

राधा रानी.........

बरसाना बृज की रज़धानी है रज़धानी,

जहां बिराजे राधा रानी राधा रानी,

भक्तों की बिगड़ी सवांरी है,भोली भाली,

बरसाने वारी है,

राधा रानी.........

मुरली में कान्हां जब,और सुर साधे और सुर साधे,

गाती है बंसी श्री राधे राधे श्री राधे राधे,

शामा की महिमा भारी है,भोली भाली बरसाने वारी है,

राधा रानी.........

शामा शाम में भेद न कोई भेद न कोई,

चारों दिशाओं में,जै जै होई जय जय होई,

भूलन की बाधा टारी है,भोली भाली बरसाने वारी है,

राधा रानी.........

किया गहवर वन में वास,लाडली लीला है न्यारी,

राधा रानी सावंरे की प्यारी है,भोली भाली,

बरसाने वाली है राधा रानी........ ।

रचना:-बाबा धसका पागल पानीपत

फोन:-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।