मैं तां हो गई आं शाम दीवानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं तां हो गई आं शाम दी दीवानी,

मैं दुनियां तो की लैना -3

प्यार तेरे बिच पागल होई -2

तेरे बिना मेरा होर ना कोई -2

लिख दिती तेरे नाम जिंदगानी,

मैं दुनियां तो की लैना -3

मैं तां हो गई आं शाम दी दीवानी,

मैं दुनियां तो की लैना -2

बांके बिहारी नाल दिल मैं लगाया -2

दुनियां नू छड प्यार तेरे नाल पाया -2

इक तुईयों मेरा दिलजानी -2

मैं दुनियां तो की लैना -3

सांवली सूरत मेरे मन बिच बस गई -2

प्रीत तेरी रोम रोम विच रच गई -2

शाम तेरी मेरी प्रीत पुरानी-2

मैं दुनियां तो की लैना -3

मैं तो हो गई आं शाम दीवानी -2

लगियां शामा तोड़ निभावी -2

दुनियां विच मेरी हंसी ना करावी -2

बन जांबा न कोई कहानी -2

मैं दुनियां तो की लैना -3

मैं ता हो गईं आं शाम दी दीवानी,

मैं दुनियां तो की लैना -3 ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।