नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सूनी है गोद मेरी भरदे साँवरिया,

नंगे पांव आउंगी मैं खाटू नगरिया,

नंगे पांव आउंगी मैं सारी उमरिया,

पुत्र दो या पुत्री दो ममता बरसाउंगी,

तेरी सोगात बाबा सीने से लगाऊ गी,

गूंजे किलकारी घर में दिन और रतिया,

नंगे.......

बांझ नही कहलाऊँ में ऐसा वरदान दो,

इस दुखिया का जग में नही अपमान हो,

सुनती हूँ ताने सबके खरी खोटी बतिया,

नंगे......

मेरे आसुंओ की धारा गंगा सी बहती है,

कब होगी आस पुरी आत्मा ये कहती हूँ,

विनती स्वीकार करो जग के खेवैया,

नंगे......

गीत रचना।अंजना आर्या

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।