रात भर याद आती तेरी बरसाने की हर इक गली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रातभर याद आती तेरी बरसाने की हर इक गली,

इत देखूं तो श्यामा जू प्यारी उत देखूं तो बांकेबिहारी,

रातभर याद आती तेरी बरसाने की हर इक गली,

हम जब भी जहां भी गये बड़ा सुंदर नजारा मिला,

हर गली के हर इक मोड़ पर वृंदावन का वो गवाला मिला,

तूने जीवन में खुशियां भरी रात भर याद आती तेरी....।

ब्रज मंडल की ब्रज रज को मस्तक पर लगाएं हुऐ,

सुध बुध भूल बैठा कोई छवि माधव की लिए हुऐ,

कण कण में है रहमत तेरी रातभर याद आती तेरी,

रातभर याद आती तेरी बरसाने की हर इक गली......।

तूने जीवन में जो भी दिया तेरा एहसान भुला ना सकूं,

अब इतना तो कर दो प्रभू तेरे र्दशन जो पा मैं सकूं,

मेरे मन की कलियां खिली रात भर याद आती तेरी ,

रात भर याद आती तेरी बरसाने की हर इक गली........।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।