मत दे बीरा माता को दोष

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मत दे रे बीरा माता को दोष

करमा की रेखा न्यारी न्यारी रे,

एक माई के बेटा चार,

चारो की रेखा न्यारी न्यारी रे,

एक तो बण्यो रे थानेदार,

दुजो तो हल हॉकतो फिरे,

तीजो गयो सेवादार

चोथो तो गद्दी राज करे....

एक गाय के बछडा चार

चारो की रेखा न्यारी न्यारी रे

एक तो बण्यो रे बढीयॉ सॉड

दुजो तो हल हॉकतो फिरे

तीजो गयो रे घाणी माही

चोथो तो शंकर नाडियो बणे ।।

एक बेल के तुम्बा चार

चारो की रेखा न्यारी न्यारी रे

एक तो बण्यो रे बढीया सॉज

दुजो तो बस्ती मागतो फिरे

तीजो गयो रे साधु संग

चाथो तो गंगा स्नान करे।।

रसीद मयूर (राधे मयूर) इटावा राजस्थान

9785090030,9672602462

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।