गली गली तेरी लौ जली जै जै हो झुंझनवाली

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

गली गली तेरी लोह जली ,

जय जय हो झुन्झंवाली ,

प्राणों से प्यारा हमको है दादी नाम ,

सब गायेंगे , दोहराएंगे , रानी सती का जैकारा,

नमो नमो नारायणी , नमो नमो नारायणी,

नमो नमो नारायणी , नमो नमो नारायणी,

जहां जहां दरबार लगे , वहाँ धरती अम्बर बन जाए ,

जाने ये कैसी माया माया है तेरी ,

तू बल है निर्बल का , करती रखवाली है सबकी ,

उसको क्या डर है जिसपर छाया है तेरी ,

जय जैकारा जय जैकारा ,

दादी देना साथ हमारा,

गली गली तेरी लौ जली ,

जय जय हो झुन्झंवाली ,

प्राणों से प्यारा हमको है दादी नाम ,

सब गायेंगे , दोहराएंगे , रानी सती का जैकारा,

तेरे ही आगे माँ ये सर झुकता है भक्तों का ,

और कहीं ये सर झुके ना कभी ,

ले कर के नाम चलें सौरभ मधुकर माँ तेरी ओर ,

भगतों का कारवाँ ये रुके ना कभी ,

जय जैकारा जय जैकारा,

दादी देना साथ हमारा,

गली गली तेरी लौ जली ,

जय जय हो झुन्झंवाली ,

प्राणों से प्यारा हमको है दादी नाम ,

सब गायेंगे , दोहराएंगे , रानी सती का जैकारा,

नमो नमो नारायणी , नमो नमो नारायणी,

नमो नमो नारायणी , नमो नमो नारायणी,

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचईता - मधुकर

संपर्क : +919831258090

स्वर - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।