शरदा दे नाल कोई बुलान्दा नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शरदा दे नाल कोई बुलान्दा नहीं,

फेर कहंदे राम साड़े आंदा नाहियो,

बिलनी ने बुलाये राम उसे वेले आ गए,

झूठे मीठे बेर राम प्रेम नाल खा गए ,

बिलनी जाहे बेर कोई खवांदा नाहियो,

फेर कहंदे राम साड़े..........

धने ने बुलाये राम उसे वेले आ गए,

म्ककी वाली रोटी साग प्रेम नाल खा गए ,

धने जेहा भोग कोई लगानदा नाहियो,

फेर कहंदे राम साड़े........

मीरा ने बुलाये श्याम उसे वेले आगए,

जहर प्याले विचो दरश दिखा गए,

मीरा जेहि प्रीत कोई लांदा नाहियो

फेर कहन्दे राम.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।