गोरा पिलादे भाँग

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज करदे दूर मलाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा

हो जागा घणा कमाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा

तू मन अपने ने समझाले, पार्वती...

इब कुंडी सोटे ने ठाले, पार्वती…

हो जा सब दूर बबाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा

आज करदे दूर मलाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा...

गुस्से ने छोड़ उरे आजा, रे गोरा…

इब घोट के भाँग मने प्याजा , रे गोरा…

डमरू पे बजे धमाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा

आज करदे दूर मलाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा…

घणा ज्यादा क्यू तरसावे स, रे गोरा…

क्यू तिरछी नजर लखावे स, रे गोरा…

सब कटे हरीश जंजाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा

आज करदे दूर मलाल, पिलादे भाँग मने रे गोरा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।