बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

स्थाई किसी से ना नाता बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता,

जिसपे करदे दया दे दे अपनी माया,

कोई जान नहीं है पाता,

बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता

स्थाई किसी .........

कभी राजा का घर कभी रंक का घर,

तुमको है मैया भाता,

बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता,

स्थाई किसी .........

जो ना सम्मान दे ध्यान माँ पे ना दे,

पीछे है वो पछताता,

बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता

स्थाई किसी........

दीप जलता जहाँ वास करती वाहा,

गुण माँ का है सेवक गाता,

बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता,

स्थाई किसी ..........

श्री सागर में माँ बनके विष्णु प्रिया,

रहती है संग सुख दाता,

बड़ी चंचल है लक्ष्मी माता,

स्थाई किसी .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।