सफ़र कितना भी मुस्किल हो

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॥ पावन पाठ ॥

सफ़र कितना भी मुस्किल हो प्रभु आसान कर देंगे,

जो तुझसे हो ना पाएगा, जो तुझसे हो ना पाएगा,

उसे भगवान कर देंगे,

सफ़र कितना भी मुस्किल हो प्रभु आसान कर देंगे,

इस जीवन के रास्ते पाए प्रभु का नाम लेकर चल,

बुराई से ज़रा बच कर भला कोई काम लेकर चल,

तू चल कल्याण को सबके,तेरा कल्याण कर देंगे,

सफ़र कितना भी मुस्किल हो प्रभु आसान कर देंगे,

प्रभु के नाम से हम में सवरते काम देखे है,

जहा मुस्किल ही मुस्किल थी वाहा आराम देखे है,

तेरी हर मुस्किल का हाल वो,अरे नादान कर देंगे,

सफ़र कितना भी मुस्किल हो प्रभु आसान कर देंगे,

वो अपनी गोद मे तुझको भरोसा कर उठा लेगा,

तू अपना करम करता चल बाकी वो संभालेगा,

तुझे अपनी दया से वो,तू सुन हैरान कर देंगे,

सफ़र कितना भी मुस्किल हो प्रभु आसान कर देंगे,

सफ़र कितना भी मुस्किल हो प्रभु आसान कर देंगे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।