मनमोहन तुम मुरली बजाना भूल गये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मथुरा में जाकर मनमोहन तुम मुरली बजाना भूल गये

मुरली का बाजना भूल गये गाऊऔ का चराना भूल गये

क्या याद नही मोहन तुमको गोकुल में माटी का खाना

सखियों के घर में जाकर के ग्वालो संग माखन चुराना

माखन है आज भी मटकी में तुम गोकुल आना भूल गये

मथुरा........

क्या याद नहीं मोहन तुमको मैय्या का लाड़ लडाना वो

नित प्रति सवेरे उठकर के, माखन मिश्री का ख़िलाना वो

मैय्या आस लगाये बैठी है तुम भोग लगाना भूल गये

मथुरा.......

क्या याद नही मोहन तुमको पनघट पर सखियों का आना

बस एक ही झलक दिखा करके वो कदम्ब के पीछे छिप जाना

सखियाँ तो आज भी आती है तुम पनघट आना भूल गये

मथुरा.........

क्या याद नहीं मोहन तुमको राधा संग रास रचाना वो

मधुबन में भानु दुलारी को बंसी की तान सुनाना वो

वो तो नयन बिछाये बैठी है तुम मधुबन आना भूल गये

मथुरा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।