खाटू श्याम तेरा नाम मैं पुकारूं सुबहो शाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू श्याम तेरा नाम

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( हार गया हूँ, टूट गया हूँ,

मुझे लेना, तुम संभाल बाबा ।

तेरे बिना, इस जग में बोलो,

कौन सुने, मेरा हाल बाबा ॥ )

खाटू श्याम, तेरा नाम,

मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥

मैं, दर तेरे आया, लेकर, झोली खाली,

ओ दुनियाँ के वाली, कर नजर मेहर वाली ।

ओ दुनियाँ के वाली, कर नजर मेहर वाली...

मेरी मुश्किल, का कर इंतजाम,

बन जाए काम, खाटू श्याम...

खाटू श्याम, तेरा नाम,

मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥

सुना है तूँ, हारे का, सहारा श्याम जी,

कितनी, जिंदगीयों को, संवारा श्याम जी ।

आखिरी, उमीद मेरी, तूँ खाटू नरेश,

मैं भी तो हूँ, किस्मत का, मारा श्याम जी ।

मैं भी तो हूँ, किस्मत का, मारा श्याम जी...

तूँ मंजिल है, तूँ ही अंजाम,

बन जाए काम, खाटू श्याम...

खाटू श्याम, तेरा नाम,

मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥

शीश के, दानी तूँ सबका, दाता है प्रभु,

कलियुग का, राजा, कहा, जाता है प्रभु ।

तीन बाण, धारी मुझे, रस्ता दिखा,

पल पल, मन, घबराता है प्रभु ।

पल पल, मन, घबराता है प्रभु...

मेरे, दिल का, तूँ बन आराम,

बन जाए काम, खाटू श्याम...

खाटू श्याम, तेरा नाम,

मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥

दिल से, फरियाद, निकली है सरकार,

डूबती, नईया को तूँ, लगा दे उस पार ।

तेरी, चौखट पे तेरा, हो के आ गया,

तेरा ही, रहूँगा, अब लख दात्तार ।

तेरा ही, रहूँगा, अब लख दात्तार...

मेरा जग में, हो रोशन नाम,

बन जाए काम, खाटू श्याम...

खाटू श्याम, तेरा नाम,

मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।