शंकर ने नाद बजाया द्वारे नंद के

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

द्वारे नंद रे...

शंकर ने नाद बजाया द्वारे नंद रे

शिवजी ने नाद बजाया द्वारे नंद रे

नाद बजाया हरि के गुण गाया…

मेरे शंकर ने नाद बजाया द्वारे नंद रे

नंद मेहला से आयी नंद रानी, मोती थाल सजाया

ले भिक्षा बाबा घर जा अपने, तें मेरा बालक डराया

द्वारे नंद रे...

क्या करनी तेरी दोलत दुनिया, क्या करनी तेरी माया

बालक अपने रा मुख तू दिखायी दे,

शिव कैलाशों ते आया...

द्वारे नन्द रे...

रो रो हारी नगरी सारी , श्याम ने सभी को रुलाया

कोई तो कान्हा जो चुप करायी दे, योगी ने जादू चलाया…

द्वारे नंद रे...

बोलेया भोला यशोदा रानी, तें क्यों जुल्म कमाया

दर्शन करने में कृष्ण कन्हैया रे, नंगे पाँव कैलाश ते आया

द्वारे नंद रे...

बोलो शंकर भगवान की जय

हर हर महादेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।