लीले की लीला न्यारी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

(लीले की लीला)

लीले की लीला न्यारी है, ये घूमे दुनिया सारी है।

इसका मालिक खाटू वाला ✖️2

देखो लीले का असवारी है, ये घूमे ...

लीले की लीला न्यारी है, ये घूमे...

ये पवन वेग से चलता है,

इसकी कृपा से हमको मिलता है।

इसकी पीठ पे श्याम बिहारी है, ये घूमे...

लीले की लीला न्यारी है, ये घूमे...

ये दाल चना किसमिस खाता,

इसे और नहीं कुछ भी भाता।

नहीं देता कोई पुजारी है, ये घूमे...

लीले की लीला न्यारी है, ये घूमे...

इसके बिन काम ना होता है,

ये एक पल भी ना सोता है।

ये लीला बड़ा उपकारी है, ये घूमे...

लीले की लीला न्यारी है, ये घूमे...

है दास रविन्दर दीवाना,

है श्याम नाम का मस्ताना।

इस लीले का आभारी है, ये घूमे...

लीले की लीला न्यारी है, ये घूमे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।