लगवा दे मईया लाटरी दस करोड़ की

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लगवा दे मईया लाटरी

लगवा दे, मईया...जय हो ॥

लगवा दे, मईया लाटरी, दस करोड़ की ॥

सुना है, दर से, तुम तो किसी को, ख़ाली, नहींयों मोड़ती,

झोलियाँ, सब की, भर देती हो, दिल, न किसी का, तोड़ती,

लगवा दे, मईया...जय हो ॥ लाटरी, दस करोड़ की ॥

सच्चे, करदे, सपने मेरे ।

गुण, सदा ही, गाऊँ तेरे ॥

हैपी, शानदार है लेनी, बंगला लेना, कार है लेनी ।

बेडा तुम, मंझधार में अपने...जय हो ॥ भक्तों का न छोड़ती,

लगवा दे, मईया...जय हो ॥ लाटरी...

गागर, में तूँ, सागर भरती ।

तूँ, मिटटी को, सोना करती ॥

रंक, को तूँ, राजा बनाती, घड़ी, में सोए, भाग जगाती ।

लालों, को सुख, देने को ही...जय हो ॥ लाल चुनरिया ओढ़ती,

लगवा दे, मईया...जय हो ॥ लाटरी...

मेरी, भी काया, माँ पलटा दे ।

चमत्कार, माँ, मुझे दिखा दे ॥

सिद्ध, मनोरथ, करदे सारे, चमका दे, तकदीर के तारे ।

तुम, तो टूटी, आस की डोरी...जय हो ॥ सदा सदा जी जोड़ती,

लगवा दे, मईया...जय हो ॥ लाटरी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।