माँ शारदे माँ शारदे

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ शारदे, माँ शारदे ।

ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे ॥

तू है दयालु बड़ी माँ वीणा वादिनी ।

करती दया हो सब पे अम्बे भवानी ।

वो मैया विद्या का आके हमको भी भण्डार दे ॥

करदो हमारी आज माँ पूरी आशा ।

कब से है शर्मा तेरे दर्शन का प्यासा ।

ओ मैया दर्शन हमे भी आ के माँ एक बार दे ॥

मांगे ना लक्खा तुमसे दौलत खजाना ।

सात सवारों का मुझको अमृत पिलाना ।

ओ मैया मेरी ही माता के जैसा बस प्यार दे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।