तेरा द्वार है कितना प्यारा

विशाल मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा द्वार है कितना प्यारा, मन नहीं भरता देख नजारा

तेरे दर्श की लगन में, हमें आना पड़ेगा खाटू में दोबारा ।

तेरा द्वार है कितना प्यारा.........

जैसा तेरा नाम है, वैसा ही तेरा धाम-2

जो भी आता है यहाँ, उसके हों सब काम-2

नाम उसी का, जीवन है जो, तेरे दर पे गुजारा

हमें आना पड़ेगा खाटू में दोबारा, तेरा द्वार है ……

जब ग्यारस की रात को, होता तेरा शृंगार-2

चाँद भी फीका सा लगे, चमके रूप अपार-2

बढ़ती जाए, ये बैचैनी, जितना करूँ नज़ारा

हमें आना पड़ेगा खाटू में दोबारा, तेरा द्वार है ……

श्याम कुंड की क्या कहें, ऐसी निर्मल धार-2

जन्नत से भी सुन्दर है, तेरा तोरण द्वार-2

चौक कबूतर, कढ़ी कचौड़ी, देखा “पाल” नज़ारा

हमें आना पड़ेगा खाटू में दोबारा, तेरा द्वार है ……

गायक: विशाल मित्तल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।