खाटू वाले तेरी जय हो,नीले वाले तेरी जय हो

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले तेरी जय हो,नीले वाले तेरी जय हो 2

भगतों की वाणी कह रही तेरे नाम की गंगा...

तेरे नाम की गंगा बह रही

खाटू वाले तेरी.....

आन्तरा 1

तेरी आन है निराली तेरी शान है निराली

तेरे दर से ना जाये कोई खाली

जब नाम लिया तेरा दूर हो गया अँधेरा

जीवन बन जाये दिवाली

मतवाले तेरे जय हो, भोले भाले तेरी जय हो

भगतों की वाणी कह रही तेरे नाम की गंगा...

तेरे नाम की गंगा बाह रही

खाटू वाले तेरी....

आन्तरा 2

सब जानते कहानी बाबा सीस के है है दानी

तेरी महिमा न जाये बखानी

बाबा बड़े हो दयालु भगतों पे कृपालु

जागती रहे ज्योत नूरानी

रखवारे तेरी जय हो उजियारे तेरी जय हो

भगतों की वाणी कह रही तेरे नाम की गंगा...

तेरे नाम की गंगा बाह रही

खाटू वाले तेरी....

आन्तरा 3

तेरे रूप का नज़ारा जो भी देखे लगे प्यारा

सारी दुनिया से है ये न्यारा

जो भी करे अरदास पूरी सबकी हो आस

तेरे दर पे झुके जग सारा

फूलों वाले तेरी जय हो नील वाले तेरी जय हो

भगतों की वाणी कह रही तेरे नाम की गंगा...

तेरे नाम की गंगा बाह रही

खाटू वाले तेरी....

आन्तरा 4

श्याम सांवरे मुरारी भगतों की भीड़ भारी

दर्शन दो तीन बाण धारी

तेरा होके अनुरागी गाता माहिमाँ है त्यागी

अब आ जाओ बनवारी

मुकुट वाले तेरी कुण्डल वाले तेरी जय हो

भगतों की वाणी कह रही तेरे नाम की गंगा...

तेरे नाम की गंगा बाह रही

खाटू वाले तेरी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।