हम तो दीवाने है माई रेवा के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हम तो दीवाने है माई रेवा के, हम तो दीवाने हैं

हम तो दीवाने हैं माँ तेरे दीवाने हैं

अरे हम तो दीवाने ......

भोरई से तोरे द्वारे पे आये

द्वारे पे आये तोरे द्वारे पे आये

नर्मदे हर हर टेर लगाए

टेर लगाए मैया टेर लगाए

मैया महिमा बखाने है

माई रेवा के हम तो दीवाने

दूधा सी बहे निर्मल धारा

निर्मल निर्मल धारा बहे निर्मल निर्मल धारा

दर्शन दे के सबको तारा

सबको तारा मैया सबको तारा

सारी दुनिया ये जाने हैं

माई रेवा के हम तो दीवाने हैं

शिव शंकर से वर है पायी

पतित पावनी माँ कहलाई

मैया संतो के ठिकाने है

माई रेवा के हम तो दीवाने हैं

गंगा दशहरा में गंगा जी आयी

तुमसे मिलन कि आशा लगाई

मैया दर्शन तो पाने है

माई रेवा के हम तो दीवाने हैं

शीश झुकाये मैया दिप तुम्हारा

ज्योति जगाये अविनाश तुम्हारा

मैया गुण तोरे गाने है

माई रेवा के हम तो दीवाने है

Upload by: Sunil Raikwar

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।