अब ये दुनिया राम की दीवानी हो गई

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज _ अपने दिल का हाल सुनाने आया हूँ

ताजमहल की बात तो पुरानी हो गई

अब ये दुनिया राम की दीवानी हो गई

गूंज उठा देखो जयकारा, जय श्री राम का लागे नारा

मंदिर बन गया सबसे प्यारा, कितना सुंदर है ये नजारा

देखो अवध की अनमिट सी कहानी हो गई

अब ये दुनिया राम की दीवानी हो गई

खुशियों की सौगात आ गई, जनकपुरी भी साथ आ गई

त्रेता युग सा बना नजारा, संग में सीता मात आ गई

वन वन भटकी सीता अब महारानी हो गई

अब ये दुनिया राम की दीवानी हो गई

ऊंचे गगन से देव पधारे, आके राम के चरण पखारे

दशरथ संग हैं हनुमत प्यारे, निरख राम, थुथकारे डारे

सुध अपनी ना "नेहा" तो मस्तानी हो गई

अब ये दुनिया राम की दीवानी हो गई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।