चलो जी वोट पौंण चलिये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन देश भक्ति भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चलो जी वोट पौंण चलिये

(धुनः चली मैं वृंदावन को चल)

रुत वोट पौंण दी है आई,

वोट पावांगे सब भैण भाई, चलो जी वोट पौंण चलिये-2

बड़ा कीमती इह साडा वोट अधिकार ए।

ऐसे वोट नाल साडी बनदी सरकार ए ॥

गल सारी समझ सानूं आई - चलो जी वोट पौंण चलिये...

वोट न कोई बोझ,वोट नां ही मजबूरी ए।

पर वोट पौंणां साडे सब लई जरुरी ए ॥

वोट विच बड़ी ताकत है भाई- चलो जी वोट पौंण चलिये...

नेता जो मेहनती ईमानदार होवेगा।

ओहो साडी वोट दा हक्कदार होवेगा ॥

जेहड़ा करेगा साडी राहनुमाई- चलो जी वोट पौंण चलिये...

किसे चासे विच नां 'मधुप' असां औंणा ए।

झूठे वादे वालेयां नूं, वोट नां पौंण ए ॥

वोट नाल असां करनी वफाई-चलो जी वोट पौंण चलिये...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।