यह भारत देश हमारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन देश भक्ति भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

यह भारत देश हमारा

धुन: जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया

जहां सरस्वती, गंगा यमुना की, पावन बहती है धारा,

यह भारत देश हमारा

सोना जहां उगलती धरती, पर्वत लगते प्यारे ।

ऋषियों-मुनियों की यह धरती, देवता जहां पथधारे ॥

जिसकी सीमा पर हिमालय, देश का है रखवारा-यह भारत...

रण-चण्डी दुर्गा शक्ति से, दुष्ट जहां थर्राति ।

भारत की सैनिक शक्ति से, लोग खौफ हैं खाते ॥

परमाणु का नाश करेंगे, हम निज-शक्ति द्वारा-यह भारत...

जिसके लिये प्रताप शिवा ने, शत्रुओं को ललकारा ।

भगत सिंह,सुखदेव राजगुरुने जिस पर तन वारा ॥

जिसके कण कण गूंज रहा है,भारत का जयकारा-यह भारत...

जिसके वनों और खेतों में, छाई ‘मधुप’ हरियाली ।

पंछी करें कलोल जहां पर, झूमे डाली डाली ॥

देश मेरा सोने की चिड़िया,लगता सब को प्यारा-यह भारत...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।