कन्हैया लाज बचा जाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज- कन्हैया ले चल परली पार

कन्हैया लाज बचा जाओ-2

खीच रहा मेरा चिर दुशासन

आके बचा जाओ।। कन्हैया.....

1 द्रोपति तुझको पुकार रही है

रो रो नीर बहाय रही है

दुखड़ा अपना सुनाए रही है

धीर नही अब मोहन मुझ में

जरा धीर बंधा जाओ।। कन्हैया.....

2 अपनो की मुझे आस नही है

कोई दूसरी राह नही है

खुद पर भी विश्वास नहीं है

निर्बल हो गए हाथ ये मेरे

जरा बल ही बड़ा जाओ।। कन्हैया.....

3 लाज गई तो कुछ ना बचेगा

मर मर कर फिर जीना पड़ेगा

बहन पुकारे ओ मेरे भैया

जरा कर्ज चुका जाओ।। कन्हैया....

4 बहन की सुनकर दौड़ा आया

चिर बड़ा कर लाज बचाया

हर एक को ये नजर ना आया

"गौतम" कहता तेरी महिमा

तुम ही सुना जाओ।। कन्हैया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।