अयोध्या राम की है वहाँ राम विराजेंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अयोध्या राम की है

वहाँ राम विराजेंगे।

हम भगवाधारी है

बस राम ही गायेंगे।।

मेरे राम के स्वागत मे

अयोध्या को सजायेंगे...

पलके भी बिछा दी है

बड़ी राह निहारी है...

रघुवर चले आओ

मेरे राम चले आओ

फूल राहों मे बिछायेंगे...

मेरे राम के स्वागत मे

अयोध्या को सजायेंगे...

सियावर गद्दी तुम्हारी है

अयोध्या भी तुम्हारी है..

मेरे राम तिलक करदूँ

रघुवर मे तिलक करदूँ

दिन त्रेता युग के आयेंगे

मेरे राम के स्वागत मे

अयोध्या को सजायेंगे...

दिन हर्ष का आया है

बड़े भाग्य से पाया है...

परमहंस पे कृपा तेरी

बटोही पे कृपा तेरी

बैकुंठ को पायेंगे

मेरे राम के स्वागत मे

अयोध्या को सजायेंगे...

गीतकार -

निशान्त झा "बटोही"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।