मंदिर में आये श्री राम बधाई सारे भक्ता न

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री राम जय श्री राम

जय श्री राम जय जय राम

मंदिर में महलों में

मंदिर में आये श्री राम बधाई सारे भक्ता न

बधाई सारे भक्ता न

बधाई सारे भक्ता न

मंदिर में आये प्रभु राम बधाई सारे भक्ता न

आज यो हिंदू धन्य होयो है

रामलला को भवन बनयो है

बजरंगी बजरंगी

बजरंगी नाचे नाचे झूम झूम बधाई सारे भक्ता न

मंदिर में आये प्रभु राम बधाई सारे भक्ता न

भारत में सब दिवाली मनाएं

हर घर में है दीप जलाये

चढ़ गया चढ़ गया

चढ़ गया भगवा रंग बधाई सारे भक्तन न

मंदिर में आये प्रभु राम बधाई सारे भक्ता न

ख़ुशख़बरी आ सब सुनावा

डी जे बजावा धूम मचावा

अमित थारो अमित

अमित करे गुणगान

मंदिर में आये प्रभु राम बधाई सारे भक्ता न

आज अवध में बाजे शहनायी

झूम रहे सब लोग लुगाई

जपे ये तो जपे

जपे राम नाम सुबह शाम

मंदिर में आये प्रभु राम बधाई सारे भक्ता न

चालों जी चालों अयोध्या जी चाला

मंदिर निर निरखस्यां लूण राई वारा

नज़रा नजरा

नजरा उतारा बाराम्बार

मंदिर में आये प्रभु राम बधाई सारे भक्ता न

बधाई सारे भक्ता न , बधाई सारे भक्ता न

जय श्री राम जय श्री राम

जय श्री राम जय जय राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।