आ गौरा तैनु जंज दिखावा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आ गौरा तैनु जंज दिखावा,

देख महल ते चढ़के ओ पतिदेव तेरा,

आया बैल ते चढ़के ओ पतिदेव तेरा,

भैरो नंगा टेड लंगोटा लोका खिली पायी,

हर कोई आखे देखो बुढा राजे दा जवाई ,

भोली भाली गौरा साड़ी किस्मत रह गयी सड़के,

ओ पतिदेव तेरा.......

ना कोई चले आतिशबाज़ी ना कोई बाजा बजे,

एसी आई जंज अनोखी ना कोई जानी सजे ,

भूत प्रेता दिनी अडिये फौज आ गयी चढ़के ,

ओ पतिदेव तेरा...

शमसना दी लाइ भिबुती मुखड़ा है चमकाया,

कना दे विच भीशु ठुये गल विच नाग है पाया,

रल मिल भंग नु लांडे धोटा कुंडी धन्डा खडके,

ओ पतिदेव तेरा...

हाथा विच डमरू फडिया कन विच कुंडल पाए,

एहने पह्डे आये बराती एहे की सवांग रचाए,

बेल सवारी आया लढ़ा हाथी गोधे छड के,

ओ पतिदेव तेरा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।