चिन्तन करो न चिन्ता करो शिव शिव कहते रहो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चिन्तन करो, न चिन्ता करो, शिव शिव कहते रहो।

बस जिंदगी का है यह सार यही, अब भी समय जान लो।।

कण कण में है हर मन में है, सत्यं शिवं सुन्दरम्।

बाहर कहाँ तू ढूंढे उसे, ढूंढं ले मन मन्दिरम्।।

वो तो सदा है साथ तेरे, अब भी समय जान लो।

चिन्तन करो, न ......

वेदों पुराणों में ग्रन्थों में वो, आद अविनाशी है वो।

सीधा सादा भोला भाला है वो, मिलता है भगती से वो।।

इसकी शरण में सब सुख मिलें, अब भी समय जान लो।

चिन्तन करो, न ......

जीवन यह बार बार मिलता नहीं, हर पल की कीमत बड़ी।

स्वांस लड़ी में पिरोले इसे, टूटे ‘‘मधुप’’ न लड़ी।।

करूणामयी यह दयालु बड़ा, अब भी समय जान लो।

चिन्तन करो, न ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।