जिस घडी मेरी ये जा निकले

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिस घडी मेरी ये जा निकले उस वक्त चले तुम आना,

इकले मत आना नन्दलाला संग राधा जी को लाना,

जिस घड़ी मेरी........

हँसते हँसते निकले दम बिछुड़न का मत देना गम,

छवि दिखला देना प्यारी ओ मेरे बांके बिहारी,

जोड़ी हो जुगल सन्मुख मेरे तुम आकर दरश दिखाना,

जिस घड़ी मेरी........

चलने की हो तैयारी नैनन में हो छवि तुम्हारी,

इतनी है विनय हमारी ओ मेरे बांके बिहारी,

आ जाना तुम प्रानन प्यारे मत करना कोई बहाना,

जिस घड़ी मेरी......

जब प्राण कण्ठ में आवे दिल तुझको श्याम बुलावे,

तुमसे है मेरी यारी ओ मेरे बांके बिहारी,

जीवन तेरा तेरे अर्पण ओ मुरली वाले कान्हा,

जिस घड़ी मेरी.........

पागल की तुमसे विनती हर घडी सांस को गिनती,

बीती ये उमरिया सारी ओ मेरे बांके बिहारी,

मर मर के जनम लू दुनिया में तेरा भूलू नही तराना,

जिस घडी मेरी.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।