हाल मेरे दिल का तमाम लिख दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण गुरु वाणी विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साखी

साजन प्रीत लगाय के,दूर देश मत जाओ।

बसो हमारी नगरी में,हम मांगे तुम खाओ।।

हाल मेरे दिल का तमाम लिख दे।

चिट्ठी जरा सैंयां जी के नाम लिख दे।।

हाल मेरे दिल का तमाम....

लिख दे सांवरिया को जिया बेकरार है।

अंखियों में भीगी भीगी कजरे की धार है।।

होती नहीं सुबह ऐसी शाम लिख दे।

चिट्ठी जरा सैंयां जी....

मुझको सताया पीया सबसे कहूंगी।

एक दिन का बदला मैं गिन गिन के लूंगी।।

नाम तेरा होगा बदनाम लिख दे।

चिट्ठी जरा सैंयां जी....

जाके परदेश मेरी याद भी न आई है।

कहता जमाना तेरा पीया हरजाई है।।

मेरा उनको फिर भी सलाम लिख दे

चिट्ठी जरा सैंयां जी....

हाल मेरे दिल का तमाम लिख दे।

चिट्ठी जरा सैया जी के नाम लिख दे।।

।डॉ सजन सोलंकी।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।