छम छम नाच रहे हनुमान शेरावाली के दरबार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

छम छम नाच रहे हनुमान शेरावाली के दरबार

ब्रह्मा नाचे विष्णु नाचे नाचे भोलेनाथ ,

जोर जोर जयकारा लगायें गूंज उठे दरबार।

छम छम नाच रहे.....

रामा नाचे लक्ष्मण नाचे नाचे सब संसार ,

जोर-जोर जयकारा लगायें गूंज उठे दरबार।

छम छम नाच रहे.....

कृष्ण नाचे दाऊ नाचे नाचे ग्वाल बाल,

जोर-जोर जयकारा लगयें गूंज उठे दरबार।

छम छम नाच रहे.....

लांगुर नाचे भैरव नाचे नाचे पुजारी साथ ,

जोर-जोर जयकारा लगायें गूंज उठे दरबार।

छम छम नाच रहे..... ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।